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जून, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

फोड़े व फुंसियों के अचूक रामबाण इलाज ,funsi ke gharelu upchar

फोड़े व फुंसियों के अचूक रामबाण इलाजfode funsi ka gharelu ilaj in hindi गर्मियों का मौसम  आते ही स्किन से संबंधित अनेक बीमारियां हमें घेर लेती हैं| वे चाहे दाद ,खाज ,खुजली हो या अन्य किसी प्रकार का चर्म रोग हो ,चाहे फोड़े या फुंसी हो| ऐसे मौसम में अगर हम अपनी स्क्रीन की सही से या उचित देखभाल नहीं करते  है, तो यह समस्याएं हमारे लिए काफी कष्टदायक सिद्ध हो सकती हैं |ऐसे ही चर्म रोगों में हम आज फोड़े और फुंसी के बारे में बात करने जा रहे हैं और फोड़े फुंसी को कितनी आसानी से हम घरेलू उपायो ( fode funsi ka ayurvedic ilaj ) द्वारा ठीक कर सकते हैं इसके बारे में  आगे बताने जा रहा हूं|   chehre ki funsi ka ila j फोड़ा फुंसी ठीक करने के घरेलू उपाय( fode funsi ke gharelu upay )निम्नलिखित है- त्रिफला के सेवन से -  6 महीने तक रात में सोते समय दूध या पानी के साथ त्रिफला का प्रयोग करें नमक का प्रयोग बहुत कम करें केवल दूध और रोटी अथवा दूध से बने पदार्थों का नियमित सेवन करने से फोड़े फुंसी से काफी हद तक दूर रहा सकता है|  सूअर की चर्बी - सूअर की चर्बी के तेल से मालिश करके गर्म पानी से नहाने

asthma ka gharelu ilaj दमा या श्वास रोग/अस्थमा का घरेलू इलाज

 दमा या श्वास रोग/अस्थमा का घरेलू इलाज (asthma ka gharelu ilaj) अस्थमा रोग अस्थमा का घरेलू इलाज अस्थमा का देसी इलाज अस्थमा श्वास संबंधित रोग  है जिसमें लोगों की सांसें फूलने लगती है लोग हमेशा अस्थमा का घरेलू इलाज asthma ka gharelu ilaj से संबंधित आर्टिकल पढ़ते रहते हैं या ढूंढते रहते हैं|  आज हम अस्थमा का घरेलू इलाज asthma ka gharelu ilaj से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान  करेंगे इससे पहले आइए जान लेते हैं अस्थमा क्या होता है|    जिस प्रकार भागने  दौड़ने पर निरंतर व जल्दी-जल्दी सांस आती है ।ठीक उसी प्रकार अगर आराम से बैठने पर भी सांस  आए, तो उसे श्वास रोग या दमा कहते है। आयुर्वेद शास्त्र में श्वास रोग और हिचकी दोनों के एक ही कारण बताएं गए हैं। अर्थात जिन कारणों से हिचकी होती है उसी कारण से श्वास रोग भी होता है इस रोग में खांसी बहुत ज्यादा आती है।          asthma ka gharelu ilaj-दमा के घरेलु उपचार  श्वास रोग या दमा के कारण(Reason of Asthma). :- अस्थमा का घरेलू इलाज करने से पहले अस्थमा के होने के कारणों को जान लेना आवश्यक है - दाहकारक या गरिष्ठ अर्थात देर से पचने

अगर आप भी नकसीर से परेशान हैं तो अपनाए इन आसान से घरेलू उपायों को

अगर आप भी नकसीर से परेशान हैं तो अपनाए इन आसान से घरेलू उपायों को नाक से संबंधित अनेक रोगों में से नकसीर भी एक बीमारी है ।आमतौर पर नकसीर से संबंधित पीड़ित व्यक्ति में नाखून से खून बहने की समस्याएं होती हैं। नाक से खून बहने की समस्या व्यक्ति को किसी भी समय और कभी भी हो सकती है।  इस बीमारी में जब कभी व्यक्ति नाकों पर जोर देता है या उसकी नाक पर हल्की भी चोट लगती है ,तो उसके नाक से खून बहने लगता है नकसीर को नाक की  अर्श या बवासीर के नाम से भी जाना जाता है। मौसम परिवर्तन के साथ शरीर की गर्मी बढ़ने या अधिक गर्म पदार्थों के सेवन करने के फल स्वरूप भी हो सकता है ।आज हम  नाक  से संबंधित नकसीर की बीमारी के कुछ लाजवाब घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे।   नकसीर के घरेलू उपाय  नकसीर के कुछ घरेलू उपाय इस प्रकार हैं सूखे आंवले को पानी में भिगो दें, जब यह मुलायम हो जाए तो पीसकर उसकी टिकिया बना ले। इसको सिर के तालू पर बांधने से नाक से खून आना बंद हो जाता है।  आम की गुठली की गिरी को पीसकर उसका नस्य देने से नकसीर फूटना बंद हो जाती है।   गन्ने के रस की नस्य देने से नाक से खून आना बंद हो जा

क्या आप भी है खुजली से परेशान तो, अपनाएं इन 24 अचूक घरेलू उपायों को

 क्या आप भी है खुजली से परेशान तो, अपनाएं इन 24 अचूक घरेलू उपायों को बदलते मौसम के अनुसार स्कीम से संबंधित अनेक समस्याएं हमारे सामने आकर खड़ी हो जाती है ।अगर इन समस्याओं का समय पर इलाज नहीं किया जाए ,तो काफी कष्टदायक हो सकती हैं ।गर्मियों के मौसम में तो यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है ।इन्हीं समस्याओं में दाद ,खाज और खुजली जैसी समस्याएं हमारे सामने देखने को मिलती है। यह समस्या हमारे सामने उचित देखभाल  और साफ-सफाई नहीं कर पाने के कारण पैदा होती है ।तो आज हम खुजली  से संबंधित 24 ऐसी प्रभावकारी घरेलू नुस्खे के बारे में बात करेंगे ,जिससे आप अपने खुजली का उपचार बहुत ही आसानी से कर सकते हैं-   खुजली के घरेलू उपाय दूधी का रस लगाने से खुजली मिट जाती है।  पीपल के वृक्ष की छाल का क्वाथ बनाकर पीने से खुजली मिट जाती है। नागदोन और शक्कर मिलाकर खाने से खुजली मिट जाती है।  पारस पीपल के फल फूल या छाल को गर्म करके स्नान करने से खुजली मिट जाती है।  मीठे नीम की छाल को पीसकर लगाने से फफोले व खुजली मिट जाती है  पित्तपापड़े का अर्क या अवलेह बनाकर खाने से खुजली तथा अन्य चर्म रोग मिट ज

कान दर्द के लिए शानदार 25 घरेलू उपाय

कान दर्द के लिए शानदार 25 घरेलू उपाय प्रायः लोग कान की बीमारी को छोटा-मोटा रोग समझ कर अनदेखा कर देते हैं। जो बाद में चलकर बहुत ही कष्टदायक रोग साबित हो जाता है, इन्हीं  रोगों में से कान में दर्द होना ,कान का बहाना,  कम सुनाई देना इत्यादि रोग हमारे सामने देखने को मिल  जाते है। कान दर्द का घरेलु उपाय अक्सर लोग कान  की समुचित देखभाल नहीं कर पाते है और ना ही उसका सही से साफ सफाई कर पाते हैं। ऐसी परिस्थिति में कान में दर्द होने की संभावना बढ़ जाती है और कभी-कभी कान भी बहने लगता है लोग इन्हें छोटी-मोटी समस्याएं समझ कर अनदेखा करते चले जाते हैं ।बाद में यही समस्याएं विकराल रूप ले लेती हैं। और अंततः लोग परेशान होकर अस्पतालों के चक्कर लगाने लगते  है ।और इसके लिए उन्हें मोटी रकम भी अदा करनी पड़ती है ।तो आज हम कान के दर्द के उपचार में प्रयोग होने वाले कुछ घरेलू उपायों के बारे में चर्चा करेंगे। अलसी के तेल को गर्म करके कान में डालने से कान का दर्द दूर हो जाता है कोयली के पत्तों के रस में नमक मिलाकर कान के चारों तरफ लेप करने से कान का दर्द दूर हो जाता है।  आजाझाड़ा के पंचांग( जड़ ,त

बलगम में खून आने के कारण ,जांच और उपाय

बलगम में खून आने के कारण ,जांच और उपाय,khakhar me khoon aana,khasi me blood,kabhi kabhi balgam me khoon aana,lar me blood aana,khansi mein khoon aana,kala balgam aana,blood in cough कभी-कभी व्यक्ति के खांसते वक्त बलगम के साथ खून आ जाता है। बलगम के साथ खून आना व्यक्ति को सचेत करती है किसी भयंकर बीमारी के लिए। ऐसे में व्यक्ति को सचेत हो जाना चाहिए, क्योंकि अगर वह इसे अनदेखा करता है, तो वह किसी भयंकर बीमारी से ग्रसित हो सकता है । आज हम बलगम में खून आने के कारणों के बारे में चर्चा करेंगे।  बलगम में खून आने के कारण-  टीवी की बीमारी की वजह से - जो व्यक्ति टीवी की बीमारी से ग्रसित है उसे भी खांसते समय बलगम से खून आ सकता है ।अर्थात जो व्यक्ति लंबे समय से टीवी की बीमारी से ग्रसित  होता है उसे खांसते वक्त बलगम के साथ खून आ सकता है ।परंतु जिन मरीजों को लंबे समय तक रात में खांसी आना, पसीना आना ,बुखार आना और  और वजन कम होना आदि लक्षण दिखाई देते है ,तो समझ लीजिए उन्हें टीवी अर्थात ट्यूबरकुलोसिस की वजह से खून आ रहा हैं।   फेफड़ों का कैंसर-   फेफड़ों के कैंसर से ग्रसित मरीजों को भी बलगम

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नागदोन कई रोगों का है अचूक इलाज nagdon ke patte ke fayde

 नागदोन कई रोगों का है अचूक इलाज nagdon ke patte ke fayde  नागदोन पौधे का परिचय - नागदोन के फायदे ( nagdon ke fayde )बताने से पहले हम नागदोन के  बारे में जान लेते है | वैसे देखा जाए तो नागदोन पौधे का वर्णन बहुत कम ही देखने को मिलता है ,लेकिन नागदोन का पौधा औषधि गुणों से भरा पड़ा होता है| इन्हीं औषधि गुणों के कारण नागदोन के पौधे का प्रयोग अनेक प्रकार की गंभीर बीमारियों में भी किया जाता है | जैसे - खूनी या बादी बवासीर, हिसाब से संबंधित समस्याओं को दूर करने मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव  में, सूजन हो या फोड़े फुंसियां हो उनको भी ठीक करने में किया जाता है | नागदोन के पौधे को नागदमनी  के नाम से भी जाना जाता है | nagdon ke fayde नागदोन का पौधा ( nagdon plant ke fayde )आपको सर्वत्र देखने को मिल जाएगा |यह पौधा खेतों में, खलियानों में, बगीचों में और  लानों में देखने को मिल जाता है|इस पौधे को आप अपने घर में भी लगा सकते हैं | इसे आप आसानी से किसी गमले में लगा सकते है | तो आइए जान लेते हैं इस चमत्कारिक फायदे के कुछ लाभों के बारे में  नागदोन के फायदे(nagdon ke fayde in hindi) पेशाब की समस्या को दूर

अरंडी के जड़ व पत्तों के चमत्कारी फायदे

अरंडी के जड़ व पत्तों के चमत्कारी फायदे,arandi leaves benefits,arandi ke patte ke fayde piliya me,arandi ke patte ke fayde in hindi,arandi ke patte ke fayde bataye अरंडी का पौधा  कूड़ा करकट  या गोबर युक्त स्थानों पर  अधिक पाया जाता है । यह गांव- घर के आस-पास ,नदी- नालों के पास, छोटे पोखर के पास अधिकांशत देखने को मिल जाता है। अरंड का पौधा देखने में तो झाड़ियों के समान लगता है ,पर यह अपने औषधि गुणों के कारण अनेक रोगों के उपचार में काफी उपयोगी और लाभदायक होता है।      5 चौड़ी पंख वाले इसके पत्ते लाल व हरे रंग के होते हैं, जो औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। यह अरंडी हमारे शरीर के लिए आंतरिक या बाह्य दोनों रूप से उपयोगी और लाभकारी होती है ।अरंडी के बीज हो ,चाहे  पत्ते हो या अरंडी के तेल हो यह सभी किसी न किसी रोग के उपचार में प्रयोग किए जाते हैं। अरंडी में एंटीइन्फ्लेमेटरी ,एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल,और एंटी फंगल तत्व पाए जाते हैं, जिसके कारण स्किन व बालों को स्वस्थ रखने में भी काफी लाभदायक होते हैं । अरंडी के पत्ते के फायदे     अरंडी के पत्तों का प्रयोग अनेक रोगों के उपचार में क

बवासीर ठीक करे चुटकियो में! bawasir ke gharelu upay,khoni bawasir,badi bawasir

 बवासीर- bawasir ke gharelu upay, bawasir ke masse ka desi ilaj, आज के जमाने में बवासीर एक आम बात है हर कोई व्यक्ति  इससे कभी ना कभी पीड़ित होता है |बवासीर होने पर व्यक्ति को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है | बवासीर होने पर व्यक्ति का मल कड़ा हो जाता है जिससे मल त्यागने में व्यक्ति को काफी जोर लगाना पड़ता है | जिससे  मस्से छिल जाते हैं और व्यक्ति दर्द से कराहने लगता है |  बवासीर के प्रकार बवासीर दो प्रकार की होती हैं-अंदर और बाहर की|अंदर की बवासीर मे मस्से अंदर को होते हैं|गोल-चपटे उभरे हुए मस्से  चने-मसूर के दाने के बराबर भी होते हैं|कब्ज की वजह से जब अंदर का मस्सा शौच करते समय जोर लगाने पर बाहर आ जाता हैं,तो मरीज दर्द से तड़प उठता है और मस्से( masse wali bawaseer ka ilaj in hindi ) छिल जाए तो जख्म हो जाता है| इसे हम बादी बवासीर भी  कहते  हैं bawasir ke gharelu upay hindi tips बाहर की बवासीर मे- मस्सा गुदा वाली जगह पर होता है इसमें इतना दर्द नहीं होता हैं|कभी- कभी मीठी खारिश या खुजली होती है|कब्ज होने पर इससे इतना खून आने लगता हैं कि मरीज खून देखकर घबरा जाता है और चेहरा

दाद खाज खुजली कैसा भी हो ठीक करें चुटकी में dad ka ilaj

दाद -खाज -खुजली क्या है?daad khaj khujli ka pakka ilaj दाद एक प्रकार का चर्म रोग है |जो संक्रमण के कारण फैलता है| यह संक्रमित व्यक्ति के कपड़े छूने पहनने से हो सकता हैं |शुरुआत में यह धीरे धीरे फैलता है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, यह बहुत ही तेज गति से  फैलता है |  यह फफूंदी से होने वाला रोग है| दाद होने पर यह जल्दी ठीक नहीं होता है और हमें काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है | dad khaj khujali ka ilaj in hindi दाद खाज होने के कारण dad khaj hone ke karan दाद की उत्पत्ति फफूंदी के कारण मानी जाती है | इस रोग में रोगाणु त्वचा की बाल की जड़ से त्वचा में प्रवेश करते हैं और हमारी त्वचा को प्रभावित कर देते हैं| यह पैरों और हाथों में दाढ़ी में या जांघों के बीच में बहुत ही  शीघ्रता से फैलता है | दाद नमी वाले स्थानों पर बहुत ही शीघ्र गति से फैलता है  जैसे- जांघों में या जहां पर अधिक पसीना आता हो | लक्षण- dad khaj hone ke lakshan  शुरू में यह लाल रंग के छोटे से  चकते के रूप में दिखाई देता है| और धीरे-धीरे या मटमैला  रंग का हो जाता है |दाद होने पर खुजली और जलन भी होती हैं |और जब अधिक मात्रा

घेंघा रोग(goiter) ,कारण, लक्षण और अचूक रामबाण घरेलू उपाय,thyroid ka ilaj

 गलगंड/घेंघा(goiter) क्या है ?ghengha rog kya hota hai? कंठमाला को घेघा रोग(goitre )के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग आयोडीन की कमी से होता है। इस रोग में गर्दन या गले में थोड़ी सूजन हो जाती है, जिसके कारण गले का कुछ हिस्सा फूला हुआ नजर आता है ।अगर इसका इलाज सही समय पर न किया जाए ,तो यह कैंसर का रूप धारण कर लेता है।अतः घेंंघा का इलाज सही समय पर कराना नितांत आवश्यक होता है। घेंघा रोग थायराइड ग्रंथि( thyroid ke gharelu upay) में होने  वाला रोग है । घेंघा रोग/ गलगंड  घेंघा रोग होने के कारण -ghengha rog ke karan आमतौर पर अगर देखा जाए तो घेंघा रोग होने का मुख्य कारण जो होता है ,वह आयोडीन की कमी होती है अर्थात जिन व्यक्तियों में आयोडीन की कमी होती है वह घेंघा रोग से ग्रसित हो जाते हैं ।अत: व्यक्ति को आयोडीन युक्त नमक का सेवन पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए। गलगंड/  थायराइड (goiter)/thyroid  के लक्षण( galgand ke lakshan) तीव्र सिरदर्द गर्दन में जकड़न नींद के झोंके मुर्छा आना अत्यधिक वमन अत्यधिक तापमान पेट दर्द अंडकोषों में सूजन घेंघा रोग में क्या नहीं खाना चाहिए ?ghengha rog me kya na khaye ?

मर्दाना कमजोरी को चुटकियों में दूर करने के अचूक घरेलू उपाय,Mardana Kamzori

  मर्दाना कमजोरी से तात्पर्य पुरुष की प्रजनन क्षमता में कमी का होना है  ऐसी स्थिति में पुरुष का प्रजनन अंग कमजोर हो जाता है| परिणाम स्वरूप पुरुष के शरीर में शुक्राणुओं की कमी हो जाती है  इसके अलावा कई लोगों में शुक्राणुओं का अभाव भी हो जाता है| मर्दाना कमजोरी( mardana kamzori ki dawa) की समस्या से ग्रसित व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ सहवास करते समय उसे पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाता है इस वजह से वह मानसिक परेशानी का भी सामना करता है| mardana kamzori ka gharelu ilaj in hindi जाने अनजाने में हम कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते है जिसकी वजह से हमें मर्दाना कमजोरी (mardana kamzori ka ilaj in hindi )की समस्या का सामना करना पड़ता है अक्सर देखा गया है कि लोग अपनी कामुकता की भावना को शांत करने के लिए हस्तमैथुन करते है |इस क्रिया के निरंतरता के फल स्वरुप हम अपनी मर्दाना ताकत( mardana taqat ki dawa in hindi ) को खो देते हैं |इसके अतिरिक्त अन्य ऐसे कारण भी है जिनकी वजह से हम अपना वीर्य (मर्दाना ताकत) काफी मात्रा में पतला कर देते हैं और हम मर्दाना कमजोरी की समस्या से ग्रसित हो जाते है|  अक्सर देखा गया ह

किसी भी प्रकार की पेचिश को दूर करें, इन आसान घरेलू उपायो से,khooni,safed pechis ki dawa

  पेचिश क्या है?pechis kya hai, pechis ke gharelu upay पेचिश पेट से संबंधित एक  ऐसा रोग है, जिसमें दस्त होने के साथ-साथ रक्त भी निकलता है। इस बीमारी को आंव भी कहते हैं। इस बीमारी के अन्य नाम आंवतिसार ,रक्ततिसार और आमातिसार  भी है | यह आंतों में होने वाला एक प्रकार का संक्रमण है। इसमें पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होता है। पेचिश की बीमारी होने पर इसका तुरंत इलाज करवा लेना चाहिए, नहीं तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। pechis ke gharelu upay पेचिश होने के कारण pechis hone ke karan  इस संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है इसके साथ-साथ बासी  खाना खाने, तली -भुनी चीजों का अधिक सेवन करना और अधिक मसालेदार वस्तुओं के सेवन से  पेचिश हो सकता है|  इसके अतिरिक्त यह रोग मक्खियों से फैलता है| पेचिश रोग के जीवाणु रोगी के मल में मौजूद रहते हैं| जब कभी पेचिश का रोगी खुले में मल त्याग करता है ,तो उस पर मक्खियां आकर बैठ जाती हैं और वे उन जीवाणुओं को अपने साथ ले जाती हैं तथा खुली हुई खाने-पीने की चीजों पर छोड़ देती हैं| फिर जो व्यक्ति उन वस्तुओं को खाता है, उनके साथ वे जीवाणु उसके पेट में चले जाते हैं| इस त

क्या आप भी है खुजली से परेशान तो, अपनाएं इन 24 अचूक घरेलू उपायों को

 क्या आप भी है खुजली से परेशान तो, अपनाएं इन 24 अचूक घरेलू उपायों को बदलते मौसम के अनुसार स्कीम से संबंधित अनेक समस्याएं हमारे सामने आकर खड़ी हो जाती है ।अगर इन समस्याओं का समय पर इलाज नहीं किया जाए ,तो काफी कष्टदायक हो सकती हैं ।गर्मियों के मौसम में तो यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है ।इन्हीं समस्याओं में दाद ,खाज और खुजली जैसी समस्याएं हमारे सामने देखने को मिलती है। यह समस्या हमारे सामने उचित देखभाल  और साफ-सफाई नहीं कर पाने के कारण पैदा होती है ।तो आज हम खुजली  से संबंधित 24 ऐसी प्रभावकारी घरेलू नुस्खे के बारे में बात करेंगे ,जिससे आप अपने खुजली का उपचार बहुत ही आसानी से कर सकते हैं-   खुजली के घरेलू उपाय दूधी का रस लगाने से खुजली मिट जाती है।  पीपल के वृक्ष की छाल का क्वाथ बनाकर पीने से खुजली मिट जाती है। नागदोन और शक्कर मिलाकर खाने से खुजली मिट जाती है।  पारस पीपल के फल फूल या छाल को गर्म करके स्नान करने से खुजली मिट जाती है।  मीठे नीम की छाल को पीसकर लगाने से फफोले व खुजली मिट जाती है  पित्तपापड़े का अर्क या अवलेह बनाकर खाने से खुजली तथा अन्य चर्म रोग मिट ज

आंवला खाने से दूर होते हैं ये सारे रोग

आंवला खाने से दूर होते हैं ये सारे रोग       वैसे देखा जाए तो आंवला आकार में  अन्य फलों से से काफी छोटा होता है  और स्वाद में भी काफी खट्टा होता है लेकिन यह अपने और सभी गुणों के कारण काफी उपयोगी और लाभदायक होता है आंवले का प्रयोग अन्य घरेलू नुस्खों के रूप में किया जाता है|      आंवला मैं विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसके अलावा विटामिन A ,B कांप्लेक्स ,पोटेशियम ,कैल्शियम, मैग्नीशियम ,आयरन ,कार्बोहाइड्रेट ,फाइबर और डाई यूरिक एसिड पाए जाते हैं और आंवले में पाए जाने वाला विटामिन सी स्कर्वी रोग के रोकथाम में सहायता प्रदान करता है, क्योंकि विटामिन सी की कमी से स्कर्वी रोग हो जाता है| जिसके आंवले के गुण कारण व्यक्ति के मसूड़ों से खून आने लगते हैं| अतः इस रोग से बचने के लिए मनुष्य को आंवले का सेवन जरूर करना चाहिए | आंवले में औषधि  गुण होने के कारण इसे 100 रोगों की दवा भी कहा जाता है |आंवले का  प्रयोग अनेक रोगों जैसे कब  बनना, भूख न लगना ,योनि शक्ति के लिए ,पेट और आंतों में छाले होना, बलगम बन रहा हो, सिर चकराना ऐसे ही अनेक प्रकार के रोगो में आंवले का प्रयोग किया जा सकता है

8+anar khane ke fayde अनार खाने के 8 महत्वपूर्ण फायदे

अनार के 8 महत्वपूर्ण फायदे व नुकसान,अनार के औषधीय गुण benefit of anar,anar khane ke fayde,anar ke chilke ke fayde in hindi,anar ke fayde,khali pet anar khane ke fayde,anar ke chilke ke fayde in hindi,anar khane ke fayde for skin in hindi,anar ke fayde batao,benefit of anar,anar khane ke fayde ,अनार के सेवन से फायदे anar ke fayde       वैसे देखा जाए तो फलों में अनार  काफी महत्वपूर्ण फल है  |अनार मैं विटामिन ए ,सी और K तथा फाइबर पाया जाता है|.अनार फल  स्वास्थ्य दृष्टि से काफी लाभदायक है |अनार एक रसदार फल है, जिसमें छोटे-छोटे दानों में रस भरा होता है जिससे अनार का जूस निकाला जाता है| अनार का जूस हमारे सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है|अनार के जूस का नियमित रूप से प्रयोग किया जाए ,तो हमारे स्वास्थ्य संबंधित अनेक समस्याओं का निदान हो सकता है| khali pet anar khane ke fayde anar ke fayda       ऐसा फल है जिसके  बीज और छिलकों में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं ,जिनके सेवन या प्रयोग से हम अपनी स्वास्थ संबंधी अनेक समस्याओं का निदान या उपचार  कर  सकते हैं |अनार का सेवन करने से खून की