बवासीर- bawasir ke gharelu upay,
bawasir ke masse ka desi ilaj,
आज के जमाने में बवासीर एक आम बात है हर कोई व्यक्ति इससे कभी ना कभी पीड़ित होता है |बवासीर होने पर व्यक्ति को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है | बवासीर होने पर व्यक्ति का मल कड़ा हो जाता है जिससे मल त्यागने में व्यक्ति को काफी जोर लगाना पड़ता है | जिससे मस्से छिल जाते हैं और व्यक्ति दर्द से कराहने लगता है |
बवासीर के प्रकार
बवासीर दो प्रकार की होती हैं-अंदर और बाहर की|अंदर की बवासीर मे मस्से अंदर को होते हैं|गोल-चपटे उभरे हुए मस्से चने-मसूर के दाने के बराबर भी होते हैं|कब्ज की वजह से जब अंदर का मस्सा शौच करते समय जोर लगाने पर बाहर आ जाता हैं,तो मरीज दर्द से तड़प उठता है और मस्से(masse wali bawaseer ka ilaj in hindi) छिल जाए तो जख्म हो जाता है| इसे हम बादी बवासीर भी कहते हैं
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bawasir ke gharelu upay hindi tips |
बाहर की बवासीर मे-
मस्सा गुदा वाली जगह पर होता है इसमें इतना दर्द नहीं होता हैं|कभी- कभी मीठी खारिश या खुजली होती है|कब्ज होने पर इससे इतना खून आने लगता हैं कि मरीज खून देखकर घबरा जाता है और चेहरा पीला पड़ जाता है| इसे खूनी बवासीर(khooni bawaseer ka ilaj) नाम से जानते हैं |
बवासीर की निशानी-
बवासीर से मरीज का हाजमा खराब हो जाता है| भूख नही लगती और कब्ज रहने लगती है|पेट मे गैस बनने लगती है|दिल और जीगर कमजोर हो जाते है|आमतौर से शारीरिक कमजोरी हो जाती है|
बवासीर का इलाज- (bawaseer ka ilaj)
* रीठे का प्रयोग:-
50 ग्राम रीठे लेकर तवे पर रखकर कटोरी से ढक दे और तवे नीचे 30 मिनट तक आग जलाए|
रीठे भस्म हो जायेंगे|ठंडा होने पर कटोरी हटाकर रीठे की भस्म को पीसकर बारीक कर लेंगे|20 ग्राम रीठे की भस्म, सफेद कत्था 20 ग्राम , कुश्ता फौलाद 3 ग्राम सभी को बारीक करके मिला ले|सेवन विधि-
1 ग्राम सुबह ,1 ग्राम शाम को 20 ग्राम मक्खन मे मिलाकर खाये|10-15 दिन तक खाये, यह बहुत बढ़िया दवा है|* इलायची का प्रयोग:-
बवासीर के इलाज में इलायची का भी बड़ा योगदान है। बवासीर पीड़ित करीब 50 ग्राम बड़ी इलायची लेकर उन्हें भून लीजिए। इलायची जब ठंडी हो जाए तो उन्हें पीसकर रख लीजिए। हर दिन सुबह एक चमच पानी में मिलाकर खाली पेट पिएं। इसके नियमित इस्तेमाल से काफी राहत मिलेगी।* दालचीनी और शहद का प्रयोग :-
एक चमच शहद में एक चौथाई हिस्सा दालचीनी का चूर्ण मिलाकर खाने से भी बवासीर में लाभ होता है।जब तक बवासीर पूरी तरह से खत्म नहीं होता, तब तक पीड़ितों को चटपटे, खट्टे, मिर्ची, मसलेदार खाने से परहेज करना चाहिए।* नागदोन का प्रयोग -
किसी भी प्रकार की बवासीर हो नागदोन के प्रयोग द्वारा उसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए आपको नागदोन की एक या दो पत्ती को चबाकर ऊपर से दो काली मिर्च चबाना है।तीन-चार दिन तक लगातार प्रयोग करने से बवासीर पूरी तरह से ठीक हो जाती है |
परहेज- (bawasir me kya nahi khana chahiye)
बवासीर से पीड़ित व्यक्ति को निम्नलिखित वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए-
गुड, गोस्त , शराब ,आम, अंगूर ,न खाये , ज्यादा मसालेेदार चीजों का सेवन न करे|
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